गर्दन में हड्डी के फड़कने का इलाज क्या है?HealthPlanet

Posted on Fri 16th Dec 2022 : 13:00

गर्दन के दर्द से हैं परेशान, छुटकारा दिलाएंगे ये 5 योग आसन

गर्दन में दर्द की समस्या एक आम समस्या है। लेकिन अगर से लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए तो यह गंभीर रूप ले सकता है। गर्दन में दर्द कई वजहों से हो सकता है। मसलन एक ही दिशा में लगातार सोने से, सोते वक्त गर्दन मुड़ने से, नस खिंचने या फिर घंटों तक गर्दन झुकाकर काम करते रहने से। डेस्क जॉब करने वाले लोगों में गर्दन दर्द की समस्या अधिक आम होती है। वे घंटों तक गर्दन झुकाए लैपटॉप या कंप्यूटर पर काम करते रहते हैं।


शवासन
इस आसन में शरीर को जमीन पर स्थिर अवस्था में रखना है। जमीन पर सीधे लेट जाएं। हाथों को शरीर के दोनों ओर रखें और पैरों को थोड़ा खोल दें। यह आसन सभी आसनों के अंत में किया जाता है और सबसे सरल आसन है। मांसपेशियों और खुद को गहरा विश्राम देने के लिए शरीर को इस स्थिति में 5 मिनट तक विश्राम दें।


बालासन
घुटने के बल जमीन पर बैठ जाएं और शरीर का सारा भार एड़ियों पर डालें। गहरी सांस लेते हुए आगे की ओर झुकें। आपका सीना जांघों से छूना चाहिए और अपने माथे से फर्श को छूने की कोशिश करें। कुछ सेकंड इस अवस्था में रहें और वापस उसी अवस्था में आ जाएं। इस आसन से केवल गर्दन और पीठ के दर्द से ही आराम नहीं मिलता बल्कि मन भी शांत होता है। यह आसन कूल्हों, जांघों और पिंडलियों को लचीला बनाकर ताजगी का अहसास कराता है।


मार्जरी आसन

मार्जरी का अर्थ है बिल्ली। इस आसन में हमारे शरीर की आकृति बिल्ली की तरह हो जाती है इसलिए इसे कैट पोज भी कहते हैं। इस आसन के दौरान सांस छोड़ें और अपनी रीढ़ की हड्डी को कूबड़ की तरह गोल करते हुए अपने सिर को नीचे ले जाएं। धीरे से अपने ठोड़ी को अपनी गर्दन से लगा दें। इसको करने से आपकी रीढ़ की हड्डी और पेट की हल्की मालिश होगी। साथ ही गर्दन के दर्द से भी छुटकारा मिल जाएगा।



नटराज आसन
सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं। दाएं पैर का घुटना मोड़ें और दाएं हाथ से दाएं पैर का टखना पीछे की ओर पकड़ें। अब सांस भरें और दाएं पैर को पीछे की तरफ से ऊपर उठाएं। पैर के तलवे को पीछे की ओर खींचे। दायां बाजू सीधा रखें। बाएं पैर का घुटना न मोड़ें। इस अवस्था में कुछ सेकंड ठहरें और फिर प्रारंभिक अवस्था में वापस आ जाएं। यह आसन मांसपेशियों को तो लचीला बनाती ही है, आपको आनंद के साथ-साथ सुकून का अहसास भी कराता है।


बितिलासन
इस आसान को काउ पोज (Cow pose) के नाम से भी जाना जाता है। इसे करने के लिए पैर और हाथ को जमीन के सहारे टिका दीजिए, आपका पूरा शरीर सीधा होना चाहिए। यानी अपनी जांघों, धड़ और हाथों की सहायता से एक मेज का रूप धारण करें। इसी मुद्रा में थोड़ी देर तक रहें। यह आसन पीठ को मजबूत बनाने के साथ ही गर्दन के दर्द से भी छुटकारा दिलाता है।


आसन करते वक्त भूलकर भी न करें ये गलतियां
- किसी भी आसन को करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें और उसे अपनी मेडिकल कंडीशन और गर्दन के दर्द के बारे में बताएं। अगर दर्द ज्यादा है और गर्दन को मोड़ने में या झुकाने में दिक्कत हो रही है तो इन आसनों को न करें और तुरंत डॉक्टरी इलाज शुरू करवाएं।


- आसन करते वक्त अपने पास पानी की बोतल और तौलिया जरूर रखें। लेकिन बीच में कुछ भी खाने से बचें।

- कमर में दर्द है या हार्ट संबंधी कोई परेशानी है तो भी योग के इन आसनों को न करें।

- अगर डॉक्टर आपको ये आसन करने की सलाह दे भी देते हैं तो भी इन आसनों को करते वक्त सावधानी बरतें। अगर किसी आसन को उसकी निर्धारित अवधि तक न कर पाएं तो लोड न लें।

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